Sun, 25 Feb 2018 | 09:30 AM
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हॉन्ग कॉन्ग में बना था डॉन कुमार पिल्ले का पासपोर्ट

मुंबई: डॉन कुमार पिल्ले को सिंगापुर से भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक टॉप आईपीएस अधिकारी ने शुक्रवार को एनबीटी को यह जानकारी दी। पिल्ले को भारत लाने में कम से कम एक महीने का वक्त लगेगा।  विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पिल्ले को पकड़े जाने का पूरा ऑपरेशन मुंबई क्राइम ब्रांच का था। क्राइम ब्रांच को कुछ महीने पहले उसके सिंगापुर में होने की टिप मिली थी। इसके बाद सीबीआई के जरिए इंटरपोल को प्रविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट भेजी गई। उसी में वह 15 जनवरी को सिंगापुर एअरपोर्ट में डिटेन किया गया। उसके पास जो पासपोर्ट मिला, उसमें उसका मूल नाम कुमार कृष्णा पिल्ले ही लिखा हुआ है। पासपोर्ट भारतीय है, पर हॉन्ग कॉन्ग में भारतीय दूतावास में बना था। सिंगापुर पुलिस ने उसकी शिनाख्त के लिए भारत के विदेश मंत्रालय से उससे जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे। विदेश मंत्रालय ने फिर मुंबई क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। क्राइम ब्रांच ने फिर उसका पुराना रेकॉर्ड निकाला और जनवरी के आखिरी सप्ताह में विदेश मंत्रालय को सौंप दिया। विदेश मंत्रालय के जरिए ये दस्तावेज सिंगापुर भेज दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, भारत से भेजे गए दस्तावेजों के आधार पर सिंगापुर पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि वहां पकड़ा गया आरोपी कुमार पिल्ले ही है। इसी के बाद उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो गई। पर एक आईपीएस अधिकारी के अनुसार, डॉन इकबाल मिर्ची के वक्त भी हमने यही कोशिश की थी, पर उसको भारत लाने में हम सफल नहीं हो सके। इकबाल मिर्ची की बाद में लंदन में मौत हो गई। कुमार पिल्ले अपने पिता कृष्णा के कत्ल का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में आया। उसने मुंबई में कई मर्डर करवाए, पर चूंकि मर्डर से जुड़े उन केसों में ज्यादातर आरोपी बरी हो गए हैं, इसलिए सूत्रों के अनुसार, उसे प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया में इन मर्डर केसों का हवाला नहीं दिया गया है। भारत लाने के लिए उसे सिर्फ तीन केसों में आरोपी बनाया गया है। ये तीनों केस हफ्तावसूली से जुड़े हुए हैं। कुमार पिल्ले पेशे से इंजिनियर है। उसने एक स्कूल भी बनवाया है, जो इस वक्त उसकी मां चलाती है। उसने शादी की है। उसके एक बेटी भी है, पर उसकी पत्नी व बेटी इन दिनों कहां हैं, खुद मुंबई पुलिस को भी इसके बारे में पता नहीं। पिछले पांच महीने में किसी डॉन को विदेश में पकड़े जाने की यह दूसरी बड़ी खबर है। इससे पहले 25 अक्टूबर, 2015 को छोटा राजन को पुर्तगाल में पकड़ा गया था। उसे गिरफ्तारी के 15 दिन बाद भारत डिपोर्ट कर दिया गया था। खास बात यह है कि राजन की तरह कुमार पिल्ले भी दाऊद का दुश्मन है। दाऊद ने ही उसके पिता का मर्डर करवाया था।

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